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Samrat Prithviraj movie movies download filmyzilla 1080p,480p,360p,240p |

ByKundansoorya

Jun 3, 2022

 

Samrat Prithviraj movie movies download filmyzilla 1080p,480p,360p,240p |

आप सभी का फिर से एक बार स्वागत समाचारों में और आज हम बात करने वाले हैं। आज थिएटर्स में रिलीज हुई हिंदी फिल्म यानी की सम्राट पृथ्वीराज के बारे में जिसमें लीड रोल में आपको नजर आएंगे। अक्षय कुमार, सोनू सूद, संजय दत्त और मानुषी चिल्लर तो डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा डायरेक्टेड फिल्म सम्राट पृथ्वीराज एक हिस्टॉरिकल एक्शन ड्रामा फिल्म है जो करीब करीब दो घंटे 13 मिनट के कंटेंट के साथ आती है। 

prithviraj movie movies download filmyzilla in hindi 

जहां पर फिल्म को देखते समय जो मेरा एक्सपीरियंस था देखने के बाद जो मेरा ओपिनियन बनता है उससे मैं आपको एक लाइन बताने की कोशिश करूं तो सम्राट पृथ्वीराज फिल्म मेरे लिए एक संवाद साबित होती है। मतलब जो है कहीं पर भी कुछ बहुत एक्स्ट्राऑर्डिनरी साबित नहीं हो पाती है और कहीं पर भी मैं कहूंगा कि पूरी तरह से रिस्पॉन्ड भी नहीं करती है। 

बीच में ये जो अटक कर रह जाती है, अगर और क्लियर तरीके से बताने की कोशिश करूं तो फिल्म के अंदर कुछ ऐसे सींस हमें देखने को मिलते हैं, जो कहीं ना कहीं बहुत ही इम्प्रेसिव थे जो कह सकते हैं कि फिल्म को बचा लेते हैं जिनमें से अगर दो सीन्स मैं पिक करूं तो पहला है। फिल्म का सीक्वल जाकर अक्षय कुमार की एंट्री होती है और दूसरा है फिल्म का क्लाइमैक्स जो कि एक मात्र उनका ऐसा सीन था जहां पर हमें जो है कुछ फील होता है जहां पर वो जो बलिदान है वो जो बहादुरी है उस पराक्रम है वो हम वहां पर फील कर पाते हैं तो फिल्म के अंदर कुछ नेगेटिव है। 

samrat prithviraj movie budget 

कुछ पॉजिटिव से अगर सबके बारे में बात करने जाएं तो सबसे बात करते हैं। फिल्म के कुछ पॉजिटिव के बारे में तो फिल्म की जो सबसे बड़ी दो हाईलाइट है। वह फिल्म में अक्षय कुमार की एंट्री सीन और इसका क्लाइमैक्स ट्रेलर को देखकर मैंने कहा था कि फिल्म के अंदर जो फाइट सीक्वेंस कहीं ना कहीं फिल्म की हाईलाइट होने वाला है और ऐसा ही होता है। 

यहां पर एंट्री सीक्वेंस के अंदर अक्षय कुमार और लायंस के बीच में जो फाइट देखने को मिलती है और जिस तरीके से भी उसे डिजाइन किया गया है, वो काफी इम्प्रेसिव था वो आपको गुरबंस दे जाता है और उसी तरह जो वीएफएक्स का भी काम वहां पर हमें देखने को मिलता है, वो भी कह सकते हैं। काफी हद तक अच्छा था कहीं पर भी आपको ज्यादा वीक जो है वो अहसास नहीं होता है। फिल्म का क्लाइमैक्स कुछ हद तक इमोशनल करने में कामयाब रहता है। 

क्लाइमेक्स में कहूंगा कि क्लाइमेक्स के अंदर काफी हद तक जो है जो हिस्ट्री बयां करना चाहती थी, उसे काफी हद तक जो है। डिलीवर करने में कामयाब रहती है और मैं हूं। अक्षय कुमार की परफॉर्मेंस के बारे में तो पूरी फिल्म के अंदर एंट्री सीक्वेंस और यही क्लाइमेक्स सीन के अंदर अक्षय कुमार का जो परफॉर्मेंस है वो मुझे बहुत ही बेहतरीन लगा। बाकी पूरी फिल्म के अंदर और डीजल था पर यहां पर जो है। 

samrat prithviraj movie budget in hindi 

एक एक्टर अक्षय कुमार ने जो है काफी अच्छा काम किया है और यही दो पोर्शन ऐसे थे जहां पर उनकी परफॉर्मेंस ने जो है। मुझे काफी हद तक सरप्राइज किया। इसके अलावा उनका जो दूसरा सबसे बड़ा पॉवर पॉइंट साबित होता है, वो है इसका बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म के अंदर सुनाई देने वाला हरिहर सॉन्ग को जिस तरीके से बैकग्राउंड में यहां पर यूज किया गया है जो कि मैं कहूंगा कि बहुत ही अच्छी तरीके से फिल्म के अंदर काम करते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी हद तक वो जो बहादुरी वो जो पराक्रम है उसकी जो फील है उसे क्रिएट करने में कामयाब रहता है और बैकग्राउंड म्यूजिक का ही कमाल है कि फिल्म के में नजर आने वाले कुछ सीन्स जो है एलिवेट होने में कामयाब रहते हैं। 

उनके फर्स्ट के बारे में अगर मैं बात करूं तो फिल्म का जो पहला एंट्री सीक्वेंस था वो बहुत ही बेहतरीन था। बट उस बेहतरीन एंट्री सीक्वेंस के बाद जैसे ही वो सीक्वेंस खत्म होता है और कहानी फ्लैशबैक में जाती है। वहां से अगर आप देखोगे तो वहां से फोन के अंदर काफी सारे कैरेक्टर्स आते हैं। काफी सारे डायलॉग आते हैं। एक बार सीक्वेंस आता है पर कहीं पर भी कोई भी चीज जो है कनेक्ट नहीं कर पाती है। वहां पर फर्स्ट हाफ के अंदर चीजें जो है। बहुत ही फ्लैट तरीके से चल रही होती है। नरेशन अगर आप देखोगे तो ऐसा था कि बहुत ही आउटडेटेड टाइप का नजर आता है। 

डायरेक्शन में भी आपको जो है थोड़ा सा जो फील है वो आपको आती है और फर्स्ट हाफ को अगर आप देखोगे तो फर्स्ट हाफ का नीचे और आप पोर्शन जो है। यहां पर अक्षय कुमार और मानुषी चिल्लर के बीच के जो लव स्टोरी आपको देखने को मिलती है, वही ज्यादा कवर कर लेता है और यहीं पर मैं कहना चाहूंगा कि वो जो केमिस्ट्री है वो कहीं पर भी पर्दे पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाती है। जिसका मैं सबसे बड़ा कारण कहूंगा कि फिल्म के अंदर मांझी किलर की जो परफॉर्मेंस है वो बहुत ही कमजोर है। 

वैसे देखा जाए तो लुक वाइज उन्हें एक जो रानी का लुक दिया गया है, वो काफी अच्छा है। वो दिखने में रानी जैसी नजर भी आती है और उनकी परफॉर्मेंस में वो दम ही नहीं था कि वो जो है उस कैरेक्टर के अंदर जान डाल पाए। पूरी फिल्म के अंदर अगर आप देखोगे तो उनके Look बिल्कुल एक तरीके से चलते हैं। उन्हें इतने अच्छे डायलॉग्स दिए गए हैं। उसके बावजूद भी उन डायलॉग्स में अंदर भी जो है वो पंच जो है कहीं पर भी नजर नहीं आ पाता है। फोन के अंदर सुनाई देने वाले डायलॉग्स बहुत ही बेहतरीन है। 

डायलॉग कुछ जगहों पर सिंपल होते हुए भी काफी अच्छी तरीके से काम करते हैं। अगर आप पूरी फिल्म को कुल मिलाकर देखोगे तो सम्राट पृथ्वीराज की जो कहानी है जो उनकी बहादुरी उनके पराक्रम की जो कहानी है उसे जो है कह कैसे कि ज्यादातर यहां पर डायलॉग्स के थ्रू ही हमें सुनाया गया है। डायलॉग के थ्रू ही हमें हर एक चीज पर जानने को मिलती है। अब क्योंकि फिल्म का जो घंटा में वो केवल दो घंटे 13 मिनट का है और एक हिस्टोरिकल ड्रामा फिल्म के लिए घंटा है। बहुत ही कम होता है कि कभी भी हिस्ट्री की जब बात होती है उसके अंदर काफी सारे कैरेक्टर्स होते हैं। हर किसी का एक अहम रोल होता है और उन हर कैरेक्टर को यहां पर डेवलप करना। उनके बीच की बॉन्डिंग को उनके बीच की टकरार को यहां पर दिखा पाना केवल दो घंटे 13 मिनट के अंदर बहुत ही मुश्किल से कह सकते हैं कि लगभग नामुमकिन सा काम था और ऐसा होता भी है।

 फिल्म के अंदर कोई भी कैरेक्टर जो है अच्छी तरीके से डेवलप नहीं किया गया है। परफॉर्मेंस इसके बारे में अगर मैं बात भी करूं तो यहां पर अक्षय कुमार के वो दो मेजर सीक्वेंस के परफॉर्मेंस को अगर छोड़ दिया जाए तो फिल्म के अंदर बाकी कोई भी एक्टर जो है। बहुत ज्यादा इम्प्रेस नहीं कर पाता है। पूरी फिल्म के अंदर अगर अक्षय कुमार के अलावा कोई मुझे इम्प्रेस कर पाया तो वो थे सोनू सूद। उनका वो जो कैरेक्टर है वो उन्होंने बहुत ही सिंसियर तरीके से निभाया है। 

उनकी डायलॉग डिलीवरी के अंदर उनकी परफॉर्मेंस के अंदर जो इनसिक्यॉरिटी है वो नजर आती है और ये उनकी परफॉमेंस का ही कमाल है कि फिल्म के कुछ कुछ पोर्शन में जोया हमें सम्राट पृथ्वीराज और चंदबरदाई के जो रिलेशन हैं जो बॉन्डिंग है वो हम कुछ जगहों पर फील कर पाते हैं तो सोनू सूद ने जो काम है वो काफी अच्छा किया है। इसके अलावा फिल्म के अंदर जो नेगेटिव कैरेक्टर में हमें मोहम्मद गोरी के कैरेक्टर में जाकर नजर आते हैं। मानव उनका काम फिल्म के अंदर बहुत ही एवरेज है एवं उनके कैरेक्टर को भी यहां पर फिर से ढंग से नहीं लिखा गया है।

 नेगेटिव कैरेक्टर जब इतना कमजोर होगा तो शून्य कैरेक्टर को आप किस तरीके से एलिवेट कर पाओगे। तो फिल्म के अंदर जो विलेन का कैरेक्टर दिया है वो भी बहुत ही साधारण है। कहीं पर भी उस कैरेक्टर को आपको देखकर वो जो खौफ है वो जो डर है वो महसूस होता ही नहीं है। वो जो ये कह सकते हैं की घोषणा होनी चाहिए। वो आपको कहीं पर महसूस ही नहीं हो पाती है तो वो भी मैं कहूंगा कि फिल्म के अंदर बिल्कुल फ्लैट साबित होता है। हिस्टोरिकल ड्रामा फिल्म है वीकिपीडिया में इसे हिस्टोरिकल एक्शन ड्रामा फिल्म कहा गया है। फिल्म के अंदर अगर सच कहूं तो केवल आप सीन के अंदर जैक्शन देखने को मिलता है, वही इंप्रेसिव था अदरवाइज। 

फिल्म के अंदर ऐसा कोई भी एक्शन देखने को नहीं मिलता जो बहुत इम्प्रेसिव हो एवं एक बार सीक्वेंस भी देखने को मिलता है जो कि कब आता है कब चला जाता है उसका कोई भी पता नहीं चलता है कि अगर मैं बात करूं तो फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक बेहतरीन था। पर फिल्म का ओवरऑल जो एलबम है वो बहुत ही एवरेज है और मैं कहूंगा कि फिल्म के अंदर अगर इतने सारे गाने नहीं भी होते तो भी काफी अच्छा होता। 

बेमतलब के गाने जो है उल्टा स्पीड ब्रेकर का ही काम करते हैं। केवल एक गाना जो हरिहर सॉन्ग है वही गाना फिल्म में मुझे बहुत पसंद आया। उसी को बैकग्राउंड में यूज किया है। वो भी काफी अच्छा काम करता है। अदरवाइज। फिल्म के कोई बाकी गाने उतने खास इंप्रेसिव नहीं हैं। फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। कॉस्टयूम से लेकर सेट्स वगैरह में आपको काफी अच्छी खासी डिटेलिंग देखने को मिलती है। फिल्म एक बहुत ही बड़े स्केल पर शूट की गई है और वो आपको महसूस भी होती है पर कहीं ना कहीं जो कलर ग्रेडिंग दी गई है जो आप विजुअली इसे दिखाने की जिस तरीके से कोशिश की गई है, वो थोड़ा सा आपको आउटडेटेड नजर आएगा क्योंकि इंडियन ऑडियंस भी आज की डेट में विजुअली इतना कुछ एक्सपीरियंस कर चुकी है तो ये सब चीजें जो है विजुअली उन्हें उतना इम्प्रेस कर पाएगी। 

ऐसा मुझे नहीं लगता है। मुझे तो विजुअली फिल्म उतनी कुछ खास इंप्रेसिव नहीं लगी। हां, प्रोडक्शन वैल्यू जो है पैसा खर्च किया गया है। विजुअल एक्सपीरियंस जो हो सकता था वो यहां पर नजर नहीं आता है तो ओवरऑल कहूं तो मेरे लिए सम्राट पृथ्वीराज एडीसन वन टाइम वॉशेबल फिल्म साबित होती है। अगर आपको हिस्ट्री जानना है और कुछ अच्छे इक्का दुक्का सीन्स के लिए आप इस फिल्म को एक बार बिल्कुल कम शून्य के साथ देख सकते हो। बाकी अगर जो बजट स्कूल का बताया जा रहा है, कुछ 200 ढाई 100 300 करोड़ इस फिल्म का बजट बताया जा रहा है। 

उस लिहाज से सम्राट पृथ्वीराज की कहानी को और बेहतरीन तरीके से जो है। यहां पर पेश किया जा सकता था तो ये था मेरा ओपिनियन इस फिल्म को लेकर अगर आपने देख लिए तो आपको फिल्म कैसी लगी मुझे कंस्ट्रक्शन में जरूरत है। एक 200 सीन तो क्या उसका वीडियो उम्मीद करते हैं को पोसना होगा से कलेक्शन जरूर की जगह मुझे हमारे अगले वीडियो में तो शिवम बाय टेक कर।

Kundansoorya

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